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गाँव के बारे में

रिखायल ग्राम सभा की स्थापना वर्ष 2015 में हुई, रिखायल ग्राम सभा को खांकर ग्राम सभा से अलग किया गया। रिखायल ग्राम सभा में पाँच गाँव शामिल हैं: नाघर, डिनोला, जोशीगाँव और कांडा। सभी गाँव एक-दूसरे के पास स्थित हैं और इनके बीच की दूरी लगभग 15–20 मिनट पैदल की है।

गाँव भारत की आत्मा कहलाता है। यह वह स्थान होता है जहाँ प्राकृतिक सुंदरता, शांति और सरल जीवन शैली देखने को मिलती है। गाँवों में लोग अधिकतर खेती, पशुपालन और छोटे-छोटे घरेलू उद्योगों से अपनी आजीविका चलाते हैं।

गाँव का वातावरण शुद्ध और शांत होता है। यहाँ का जीवन शहरों की तुलना में धीमा लेकिन सुखद होता है। गाँवों में लोग एक-दूसरे की मदद करते हैं और सामाजिक बंधन मजबूत होते हैं।

हालाँकि गाँवों में शिक्षा, चिकित्सा, और परिवहन जैसी सुविधाएँ अब भी सीमित हो सकती हैं, लेकिन सरकार की योजनाओं और तकनीकी प्रगति से गाँवों में धीरे-धीरे बदलाव आ रहा है।

अगर आप किसी विशेष गाँव, उसके जीवन, परंपराओं, त्योहारों या अन्य पहलुओं के बारे में जानकारी चाहते हैं, तो कृपया बताएं।

सदस्य

उपलब्धियां

पिछले कुछ वर्षों में रिखायल ग्राम सभा ने कई विकास कार्य सफलतापूर्वक पूरे किए हैं -  

आगामी लक्ष्य 2025-2030

ग्राम सभा ने निकट भविष्य के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य तय किए हैं  - 

प्रशंसापत्र